गुरुवार, 16 नवंबर 2023

 10. *22 दिसंबर : राष्ट्रीय गणित दिवस (रामानुजन की जयंती)* 


 *परिचय :* 

श्रीनिवास रामानुजन की जयंती 22 दिसंबर हर वर्ष राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाई जाती है। उनका जन्म 22 दिसंबर 1887 को कुंभकोणम तमिलनाडू में हुआ था और 33 वर्ष की आयु में 26 अप्रैल 1920 को बीमारी के कारण उनका असमय निधन हो गया था। विश्वविद्यालयीय शिक्षा के अभाव के बावजूद संख्या सिद्धांत, विभाजन फंक्शन, निरंतर अंशों, डाइवर्जेंट शृंखला के सिद्धांत, हाइपर ज्योमेट्रिक शृंखला आदि में उनके योगदान के कारण उन्हें विश्व की महानतम गणितीय प्रतिभाओं में से एक माना जाता है। 1909 में जानकी अम्मल से विवाह के बाद उन्होंने नेल्लोर के कलेक्टर के दफ़्तर में अकाउंटेंट के स्थायी पद के लिए आवेदन किया। ज़िला कलेक्टर श्री रामचंद्र राव उनके गणित के ज्ञान से बहुत प्रभावित हुए और उनके लिए मद्रास विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति और ट्रिनिटी कॉलेज कैंब्रिज से अनुदान की सिफ़ारिश की। रामानुजन ब्रिटिश गणितज्ञ जी. एच. हार्डी के साथ काम करने के लिए लंदन गए। 16 मार्च 1916 को रामानुजन ने कैंब्रिज से अनुसंधान द्वारा बीए (जिसे बाद में पीएचडी कहा गया) की उपाधि प्राप्त की।


 *विरासत :* 

जब वह 15 साल के थे तभी वह जॉर्ज शूब्रिज कैर द्वारा लिखित हजारों प्रमेयों को पढ़ और उनकी व्याख्या कर सकते थे तथा उन्होंने उस पुस्तक के अंतराल को भरने के लिए स्वयं भी नए प्रमेयों की रचना की। *धनात्मक पूर्णांकों के योग के रूप में एक धनात्मक पूर्णांक को व्यक्त करने की संख्या को संख्याओं का विभाजन कहा जाता है।* उदाहरण के लिए, 6 को 8 तरीकों से 6+0, 5+1, 4+2, 3+3, 4+1+1, 3+1+1+1, 2+1+1+1+1 और 1+1+1+1+1+1 के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। इस प्रकार 8, 6 की विभाजन संख्या है। इंग्लैंड में रामानुजन ने बड़ी संख्याओं के लिए संख्याओं का विभाजन प्राप्त करने में प्रगति की। इस विधि को अब रामानुजन योग कहा जाता है। उनके लेख बहुत प्रतिष्ठित गणितीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए थे। 1918 में उन्हें *रॉयल सोसाइटी ऑफ़ लंदन* के लिए चुना गया। 1729 के बारे में एक प्रसिद्ध कहानी है। यह उस टैक्सी का नंबर था जिसमें हार्डी दक्षिण लंदन के अस्पताल में उपचाराधीन रामानुजन से मिलने आए थे। जब हार्डी ने उन्हें बताया कि वह एक सुस्त टैक्सी नंबर 1729 से वहां आए थे तो रामानुजन ने कहा कि 1729 सुस्त संख्या नहीं है। यह सबसे कम पूर्णांक है जिसे दो पूर्णांकों के घनों के योग के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, अर्थात् 1729= 1³+12³  तथा 1729=9³+10³ . तब से उन सभी संख्याओं को जिन्हें दो अलग-अलग तरीकों से दो पूर्णांकों के घनों के योग के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, उन्हें *रामानुजन-हार्डी नंबर* या *टैक्सी-कैब नंबर* कहा जाता है। रामानुजन का कार्य इतना महत्त्वपूर्ण था कि विश्व प्रसिद्ध विज्ञान पत्रिका *नेचर* ने रामानुजन को उनकी मृत्यु के वर्ष (1920) के *कैलेंडर ऑफ़ साइंटिफ़िक पायनियर्स ऑफ़ एमिनेंस* में सूचीबद्ध किया।


 *एआईपीएसएन की इस अवसर पर की जाने वाली गतिविधियां :* 

* गणित के छात्रों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं;

* रामानुजन की जीवनी पर चार्ट;

* आईटी इत्यादि की प्रगति में गणित की भूमिका पर व्याख्यान।

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