5. *14 नवंबर : राष्ट्रीय बाल दिवस*
*परिचय*
भारत में हम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के कई दिनों का जश्न मनाते हैं। उन्हीं में से राष्ट्रीय बाल दिवस एक है। यह हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिवस भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है जिन्हें उनके प्रेम के लिए बच्चे *चाचा नेहरू* कहते थे। नेहरू जी को *आधुनिक भारत के निर्माता* के रूप में जाना जाता है। *इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य राष्ट्र की आरक्षित शक्ति के रूप में भारत के बच्चों के अधिकारों, देखभाल, शिक्षा और कल्याण के बारे में सभी संबंधित व्यक्तियों/वर्गों के बीच जागरूकता लाना है।* बाल दिवस शैक्षिक संस्थानों, बच्चों के क्लबों तथा घरेलू कॉलोनियों में बच्चों के लिए रंगारंग, शैक्षणिक एवं प्रेरक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाता है। यह दिवस बच्चों, अभिभावकों तथा शिक्षकों के लिए एक प्रसन्नता का अवसर है। 1956 से पहले भारत में 20 नवंबर को सार्वभौमिक बाल दिवस के रूप में मनाया जाता था। 1955 में नेहरू द्वारा *चिल्ड्रंस फ़िल्म सोसाइटी ऑफ़ इंडिया* की स्थापना के बाद, 1957 में 14 नवंबर को आधिकारिक तौर पर सरकारी घोषणा द्वारा यह दिवस घोषित किया गया। नेहरू जी कहते थे, *"मैंने हमेशा महसूस किया है कि आज के बच्चे कल के भारत का निर्माण करेंगे और जिस तरह से हम उनकी परवरिश करेंगे, उसी से देश का भविष्य निश्चित होगा।"* 1964 में नेहरू जी की मृत्यु के बाद संसद में प्रस्ताव पारित करके उनकी जयंती को *राष्ट्रीय बाल दिवस* के रूप में घोषित किया गया। आजकल गूगल भी इस दिवस को मनाता है।
2018 में 60 भाजपा सांसदों ने 14 नवंबर के स्थान पर 26 दिसंबर को बाल दिवस मनाए जाने की अपील प्रधानमंत्री जी से एक विशेष राजनीतिक एजेंडा के तहत की है जिसे अभी स्वीकार नहीं किया गया है।
*बाल दिवस पर की जा सकने वाली गतिविधियां :*
* नेहरू जी की प्रासंगिकता पर लेख;
* विभिन्न विषयों पर प्रतियोगिताएं;
* बच्चों के अधिकारों, बाल श्रम के उन्मूलन, स्कूल छोड़ने की समस्या पर चर्चा;
* अनिवार्य मुफ़्त शिक्षा पर बातचीत।
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