गुरुवार, 16 नवंबर 2023

जवाहरलाल नेहरू जयंती*

 6. *14 नवंबर : जवाहरलाल नेहरू जयंती* 


 *परिचय* 

पंडित जवाहरलाल नेहरू (जिन्होंने सबसे ज़्यादा समय 1947-1964 तक भारत के प्रधानमंत्री का दायित्व निभाया) का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में श्री मोतीलाल नेहरू तथा श्रीमती स्वरूप रानी के घर हुआ था। उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज से विज्ञान में ऑनर्स की डिग्री तथा इनर टेंपल, लंदन से कानून की डिग्री प्राप्त की। 1916 में उनका विवाह कमला कौल से हुआ तथा उनकी एकमात्र संतान इंदिरा प्रियदर्शिनी का जन्म 1917 में हुआ। नेहरू जी 1916 में महात्मा गांधी से मिले और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से शामिल हो गए तथा अनेक वर्षों तक जेल में रहे। 15 अगस्त 1947 को देश के स्वतंत्र होने के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री बने और भारत में औद्योगीकरण, आधुनिक शिक्षा के माध्यम से धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और समतावादी प्रवृत्तियों की शुरुआत करने की कोशिश की। भारत तब तक ब्रिटिश शासन के अंतर्गत शोषण पर आधारित, अधिकतर सामंती, अंधविश्वासी और आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ उपनिवेश मात्र था। उन्होंने कई सामाजिक सुधार किए। अंतरराष्ट्रीय सहयोग से उन्होंने शुरुआती आईआईटी, आईआईएम, आईआईएससी, सीआईआर आदि प्रयोगशालाएं, आरईसी (वर्तमान में एनआईटी), इसरो, बीएआरसी इत्यादि की स्थापना की। उनकी हत्या का 6 बार प्रयास किया गया जिसमें एक प्रयास 1955 में सीआईए द्वारा भी किया गया था। फिर भी वे भारत की प्रगति के लिए दृढ़संकल्प रहे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि *भारत को लोकतंत्र, समाजवाद, एकता और धर्मनिरपेक्षता के चार स्तंभों को अपनाने की आवश्यकता है।* उन्हें *एक राजनेता तथा वैज्ञानिक स्वभाव की मुखर आवाज़ के रूप में जाना जाता है।* वैज्ञानिक स्वभाव पर उन्होंने अपनी पुस्तक *भारत एक खोज* में लिखा है, *"वैज्ञानिक स्वभाव.......वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विज्ञान का साहसी और अभी तक का आलोचनात्मक स्वभाव सत्य और नए ज्ञान की खोज, परीक्षण और परीक्षण के बिना कुछ भी स्वीकार न करने की इच्छा, नए सबूत के सामने पिछले निष्कर्ष को बदलने की क्षमता, देखे गए तथ्य पर निर्भरता (न कि पूर्व कल्पित सिद्धांत पर भरोसा) के अतिरिक्त कुछ नहीं है।"* उनके इन्हीं विचारों से प्रभावित होकर संसद ने भारतीय संविधान में कुछ सूक्ष्म संशोधन किए जिनमें *धर्मनिरपेक्ष तथा समाजवादी शब्दों को जोड़ना तथा अनुच्छेद 151ए(एच) भारतीय नागरिकों के मौलिक कर्तव्य में वैज्ञानिक स्वभाव, मानवतावाद तथा जांच एवं सुधार की भावना का विकास जोड़ा गया।* 27 मई 1964 को उनके देहांत के बाद विश्व के अनेक नेताओं ने उनकी विरासत को श्रद्धांजलि दी। 1955 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान *भारत रत्न* से सम्मानित किया गया। उनका जन्मदिन 14 नवंबर हर वर्ष *बाल दिवस* के रूप में मनाया जाता है।

 

 *14 नवंबर को की जाने वाली गतिविधियां :* 

* पंडित नेहरू की प्रासंगिकता पर पर्चा निकालना; 

* बच्चों की प्रतियोगिताएं; 

* वैज्ञानिक स्वभाव पर वार्ता/गोष्ठी।

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