11. *25 दिसंबर : क्रिसमस*
*प्रस्तावना :*
नास्तिकों की तुलना में विश्व में आस्तिकों की संख्या अधिक है। यद्यपि किसी भी धर्म के गैर-विश्वासी (नास्तिक, अग्नोस्टिक, संशयवादी इत्यादि) दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं। इस क्रम में इस्लाम और हिंदू धर्म के बाद ईसाई धर्म सबसे प्रचलित धर्म है। क्रिसमस दुनिया में उल्लास के साथ मनाया जाने वाला त्यौहार है। यीशु मसीह के जन्मदिन के प्रतीक के रूप में यह हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। ईसाई धर्म की पुस्तक बाइबल में दिए नए नियम (न्यू टेस्टामेंट) के अनुसार यीशु का जन्म यूसुफ़ और मेरी के घर एक झोपड़ी में हुआ था। यीशु के जन्म वर्ष को ईसाई धर्म के कैलेंडर (ग्रेगोरियन कैलेंडर) के संदर्भ वर्ष के रूप में माना जाता है। जब हम कहते हैं कि यह 2023 ई. है तो इसका मतलब है कि यीशु का जन्म 2023 वर्ष पहले हुआ था। उनके जन्म के बाद के वर्षों को एडी और जन्म से पहले के वर्षों को बीसी लिखा जाता है। यदि हम कहें कि किसी राजा का भारत पर शासन 414 बीसी में था तो इसका अर्थ है कि उसका शासन यीशु के जन्म के 414 वर्ष पहले था। यद्यपि यह दिन ईसाइयों (दोनों - कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट) द्वारा उल्लास से मनाया जाता है परंतु दूसरे धर्म वाले भी इसे उनके साथ मनाते हैं और ईसाइयों को बधाई देते हैं। वेटिकन सिटी ईसाई धर्म का मुख्यालय है तथा इसके प्रमुख पोप को भगवान जोशुआ के राजदूत के रूप में माना जाता है।
*उत्सव :*
ईसाई 25 दिसंबर से कई सप्ताह पहले सितारों के आकार की सजावट (ओरिगैमी) यीशु के जन्म के स्वागत के संकेत के रूप बनाते हैं। इस बड़े त्यौहार पर भारत सहित हर देश में छुट्टी होती है। युवा और बुजुर्ग सांता क्लॉज़ नामक बाइबल में वर्णित आकृति बनाते हैं। घरों तथा बाज़ारों में क्रिसमस ट्री बनाते हैं। उपहारों का आदान-प्रदान होता है। समस्त संसार के व्यापारियों के लिए यह लाभकारी अवसर होता है।
यह त्यौहार लगभग हर शहर में मनाया जाता है, मुंबई, गोवा, दिल्ली, हैदराबाद, केरल में ज़्यादा। मिलन समारोह में स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं, गिरजाघरों को सजाया जाता है, गीत गाए जाते हैं।
*एआईपीएसएन की इस अवसर पर की जाने वाली गतिविधियां :*
* सभी धर्मों के लोगों के साथ उत्सव में शामिल होना;
* भारत की विविधता में एकता पर चर्चा;
* भारत की धर्मनिरपेक्षता और उसके विरुद्ध खतरों पर चर्चा;
* धर्मनिरपेक्ष ग्रीटिंग कार्ड्स का आदान-प्रदान।
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