गुरुवार, 16 नवंबर 2023

Deepavali

 4. *12 नवंबर : दीपावली* 


 *परिचय :* 

भारत अपनी विविध संस्कृतियों और धार्मिक तथा जातीय विविधता के लिए जाना जाता है। सदियों से भारत *विविधता में एकता और विविधता के साथ एकता का प्रतीक* रहा है। दिवाली (जिसे दक्षिण भारत में दीपावली जिसका अर्थ है - दीपकों की पंक्ति, कहा जाता है) पूरे देश में मनाई जाती है। दिवाली हर साल अक्तूबर-नवंबर की अवधि में चंद्र कैलेंडर के कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। 2023 में यह 12 नवंबर को मनाई जाएगी। *यद्यपि इस त्यौहार को हिंदू धर्मावलंबी बड़ी श्रद्धा से मनाते हैं तथापि अन्य धर्मावलंबी, जैसे - सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और मुसलिम भी इसे मनाते हैं और उत्सव के आनंददायी क्षणों को साझा करते हैं।* 


उत्तरी भारत में दिवाली लंका के दुष्ट राजा रावण को हराने के बाद राजकुमार राम के अपनी पत्नी सीता के साथ अयोध्या लौटने की याद में मनाई जाती है। दक्षिण में दिवाली भगवान कृष्ण की उनकी पत्नी सत्यभामा की सहायता से राक्षस राजा नरकासुर पर विजय का प्रतीक है। पश्चिम भारत में इसे भगवान विष्णु द्वारा बाली को दंडित करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है। सिख इसे 17वीं शताब्दी में गुरु हरगोविंद सिंह की 12 साल की कैद से मुक्ति की याद में मनाते हैं। बौद्ध इस अवसर को सम्राट अशोक के बौद्ध धर्म ग्रहण करने की खुशी में मनाते हैं। इस अवसर पर आतिशबाज़ी की जाती है, दिए जलाए जाते हैं तथा विभिन्न पकवान बनाकर एक दूसरे के साथ साझा किए जाते हैं। 


दिवाली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर हज़ारों-करोड़ों की लागत के पटाखे चलाए जाते हैं जिससे *गंभीर पर्यावरण प्रदूषण* हो जाता है। 


 *इस अवसर पर की जा सकने वाली गतिविधियां :* 

* भारत की सांस्कृतिक विरासत और विविधता पर पर्चा निकालना; 

* सभी धर्मावलंबियों को उत्सव में शामिल करना; * विभिन्नता में एकता पर रेडियो वार्ता; 

* धर्मनिरपेक्षता तथा इस पर होने वाले हमलों के बारे में विचार-विमर्श।

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