गुरुवार, 16 नवंबर 2023

डॉ. बी. आर. अंबेडकर की पुण्यतिथि*

 7. 6 *दिसंबर : डॉ. बी. आर. अंबेडकर की पुण्यतिथि* 


 *परिचय* 

 *भारत रत्न भीमराव रामजी अंबेडकर* जिन्हें सम्मानपूर्वक भारत के महान संविधान की पटकथा के रचयिता का पर्याय माना जाता है, का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में एक गरीब परिवार में तथा एक ऐसी जाति में हुआ जिसे निम्नतम माना जाता था। कठिनाइयां, गरीबी तथा अन्य सामाजिक बाधाओं के बावजूद उन्होंने विश्वविद्यालय की शिक्षा प्राप्त की तथा 1917 में कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क (अमेरिका) से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की। 1935 में उनकी पत्नी रमाबाई का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। अस्वस्थ होने के कारण वे इलाज के लिए मुंबई गए जहां उनकी मुलाकात शारदा कबीर से हुई जिससे उन्होंने 15 अप्रैल 1948 को विवाह किया क्योंकि डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें एक साथी की आवश्यकता है। *6 दिसंबर 1956 को* दिल्ली में अपने निवास पर सोते हुए उनका *निधन* हो गया। सविता अंबेडकर तथा उनके पुत्र यशवंत अंबेडकर ने उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक-धार्मिक (बौद्ध) आंदोलन को आगे बढ़ाया। 


 *सक्रियता* 

वे भारत में जाति व्यवस्था के उन्मूलन के आजीवन सेनानी रहे। उनका जीवन संघर्षों एवं सामाजिक सुधारों के लिए समर्पित था। महात्मा गांधी के साथ उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भी भाग लिया तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वे *देश के प्रथम कानून मंत्री* बने तथा *देश के संविधान को आकार दिया।उन्हें पितृसत्ता के विरुद्ध संघर्ष के लिए, संपत्ति संबंधों के पुनर्गठन के लिए, ब्रिटिश उपनिवेशवाद के विरुद्ध संघर्ष के लिए तथा दलितों के राजनीतिक उद्धार के लिए जाना जाता है।* उन्होंने उत्पीड़ित और दबे-कुचले लोगों को प्रेरित किया तथा उन्हें ऐतिहासिक रूप से सर्वश्रेष्ठ सामाजिक नारा *"शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित रहो!"* दिया। उन्होंने शिक्षा को उत्पीड़न से मुक्ति का साधन बताया। शिक्षा प्राप्त कर, भेदभावपूर्ण सामाजिक बेड़ियों 

को तोड़कर एक समतावादी और उत्पीड़न-मुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने सभी बहुजन के लिए शैक्षिक और नौकरी के अवसरों में आरक्षण को शामिल करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें *आधुनिक भारत का दूरदर्शी वास्तुकार* माना जाता है। 2012 में सीएनएन आईबीएन द्वारा आयोजित एक सर्वेक्षण में अंबेडकर को पटेल और नेहरू से बढ़कर *महानतम भारतीय* चुना गया। अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता *अमर्त्य सेन* ने उन्हें *अपने अर्थशास्त्र का जनक* बताया था और कहा था कि *'अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उनका योगदान अद्भुत है।'* ऐसी मान्यता है कि कार्ल मार्क्स की तरह उन्होंने भी ब्रिटिश लाइब्रेरी की लगभग सभी पुस्तक पढ़ीं। भारत में शायद ही कोई ऐसा शहर हो जहां उनकी मूर्ति न हो। 

एआईपीएसएन 6 दिसंबर को उनकी पुण्यतिथि पर उनकी तर्कसंगत, उदार, मुक्तिदायक और भेदभाव के विरुद्ध लड़ने की भावना के लिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उन्हें याद करता है। 


 *एआईपीएसएन की गतिविधियां :* 

* डॉ. अंबेडकर की प्रासंगिकता पर पर्चे का विमोचन; 

* संविधान संशोधन की फासीवादी प्रवृत्तियों के विरुद्ध जुलूस; 

* जाति और भेदभाव उन्मूलक विषयों पर वार्ता इत्यादि।

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