9. *10 दिसंबर : नोबेल पुरस्कार दिवस (अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि)*
*परिचय :*
भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य तथा विश्व शांति एवं अंतराष्ट्रीय सद्भाव के लिए व्यक्तियों/संगठनों को 1901 से दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार नोबेल पुरस्कार है। 1969 से अर्थशास्त्र में भी यह पुरस्कार दिया जाने लगा है। 1895 में अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी वसीयत के माध्यम से कुछ पैसा अलग रखा जिसके ब्याज से यह पुरस्कार उन लोगों/संस्थाओं को दिए जाते हैं जिन्होंने गत वर्ष में मानव जाति का सबसे अधिक उद्धार किया। यद्यपि पुरस्कार की घोषणा अक्तूबर मास में होती है, उसे 10 दिसंबर को अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि पर दिया जाता है।
*प्रतिष्ठा और विरासत :*
इस पुरस्कार को जीतना बहुत प्रतिष्ठा का विषय है तथा किसी पेशेवर के लिए अंतर्राष्ट्रीय मान्यता के रूप में है। यह मरणोपरांत नहीं दिया जाता तथा साझा करने की अवस्था में अधिकतम व्यक्तियों को ही दिया जाता है।
1901 से 1922 तक कुल 615 पुरस्कार घोषित किए गए हैं। भौतिकी में 116, रसायन विज्ञान में 114, जीव विज्ञान में 113, साहित्य में 115, शांति के लिए 103 और अर्थशास्त्र में 54 पुरस्कार दिए जा चुके हैं। कुल 989 व्यक्तियों (भौतिकी में 222, रसायन विज्ञान में 191, जीव विज्ञान में 225, साहित्य में 119, शांति के लिए 110 व्यक्तियों और 30 संगठनों, अर्थशास्त्र में 92) को यह पुरस्कार दिया गया। 61 महिलाओं को यह पुरस्कार मिला (भौतिकी में 4, रसायन विज्ञान में 8, जीव विज्ञान में 12, साहित्य में 17, शांति के लिए 18, अर्थशास्त्र में 2) जो कुल मिलाकर 6.167% है और विज्ञान में 3.762% (भौतिकी में 1.802%, रसायन विज्ञान में 4.188% और जीव विज्ञान में 5.333%) है। इस पुरस्कार की वेबसाइट से अन्य जानकारी ली जा सकती है।
यद्यपि इस पुरस्कार की कार्यवाही को निष्पक्ष माना जाता है फिर भी इस पर कुछ विवाद है। उदाहरण के लिए, महात्मा गांधी (शांति के लिए), रोज़लिंड फ्रेंकलिन (चिकित्सा क्षेत्र में), सत्येंद्र बोस और लीज़ मिटनर (भौतिकी के लिए) को पुरस्कार नहीं दिया गया जबकि समाजवाद विरोधी/अमरीका समर्थक लियू शियाबो (2010), हेनरी किरसिचर (1973), मिखाइल गौरबाच्योव (1990)को शांति पुरस्कार दिया गया। निराशाजनक है कि सी. वी. रमन (1930) के बाद 92 वर्षों से विज्ञान में किसी भी भारतीय को यह पुरस्कार नहीं मिला है।
*एआईपीएसएन की इस अवसर पर की जाने वाली गतिविधियां :*
* नोबेल पुरस्कार पर व्याख्यान का आयोजन;
* भारत के संस्थानों की विश्व रैंकिंग कर चर्चा;
* अनुसंधान पर सरकारी सहायता बढ़ाने के लिए हस्ताक्षर अभियान।
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